तुझे उचित न था कि तिरमुहाने पर उसके भागनेवालों को मार डालने के लिये खड़ा होता, और संकट के दिन उसके बचे हुओं को पकड़ाता।।
Cross references
और आओ, हम यहां से कूच करके बेतेल को जाएं; वहां मैं ईश्वर के लिये एक वेदी बनाऊंगा, जिस ने संकट के दिन मेरी सुन ली, और जिस मार्ग से मैं चलता था, उस में मेरे संग रहा।
और तू ने मुझे शत्रु के हाथ में पड़ने नहीं दिया; तू ने मेरे पांवों को चौड़े स्थान में खड़ा किया है।।
उन्हों ने उस से कहा, हिजकिरयाह यों कहता है कि आज का दिन संकट और उलहने और निन्दा का दिन है, बच्चे जन्मने पर हुए पर जच्चा को जनने का बल न रहा।
हाय, हाय, वह दिन क्या ही भारी होगा ! उसके समान और कोई दिन नहीं; वह याकूब के संकट का समय होगा; परन्तु वह उस से भी छुड़ाया जाएगा।
यहोवा यों कहता है, अज्जा के तीन क्या, वरन चार अपराधों के कारण मैं उसका दण्ड न छोडूंगा; क्योंकि वे सब लोगों को बंधुआ करके ले गए कि उन्हें एदोम के वश में कर दें।
यहोवा यों कहता है, सोर के तीन क्या, वरन चार अपराधों के कारण मैं उसका दण्ड न छोडूंगा; क्योंकि उन्हों ने सब लोगों को बंधुआ करके एदोम के वश में कर दिया और भाई की सी वाचा का स्मरण न किया।
परन्तु तुझे उचित न था कि तू अपने भाई के दिन में, अर्थात् उसकी विपत्ति के दिन में उसकी ओर देखता रहता, और यहूदियों के नाश होने के दिन उनके ऊपर आनन्द करता, और उनके संकट के दिन बड़ा बोल बोलता।