तुझे उचित न था कि मेरी प्रजा की विपत्ति के दिन तू उसके फाटक से घुसता, और उसकी विपत्ति के दिन उसकी धन सम्पत्ति पर हाथ लगाता।
Cross references
कदाचित् यहोवा इस उपद्रव पर, जो मुझ पर हो रहा है, दृष्टि करके आज के शाप की सन्ती मुझे भला बदला दे।
यदि मैं अपने बैरी के नाश से आनन्दित होता, वा जब उस पर विपत्ति पड़ी तब उस पर हंसा होता;
मैं अपनी सब हडि्डयां गिन सकता हूं; वे मुझे देखते और निहारते हैं;
क्योंकि तू इस्राएलियों से युग-युग की शत्रुता रखता था, और उनकी विपत्ति के समय जब उनके अधर्म के दण्ड का समय पहुंचा, तब उन्हें तलवार से मारे जाने को दे दिया।
क्योंकि तू ने कहा है, कि ये दोनों जातियां और ये दोनों देश मेरे होंगे; और हम ही उनके स्वामी हो जाएंगे, यद्यपि यहोवा वहां था।
और जो जातियां सुख से रहती हैं, उन से मैं क्रोधित हूं; क्योंकि मैं ने तो थोड़ा से क्रोध किया था, परन्तु उन्हों ने विपत्ति को बढ़ा दिया।