एसाव जो एदोम भी कहलाता है : सो सेईर नाम पहाड़ी देश में रहने लगा।
Cross references
और सेईर नाम पहाड़ में होरियों को, मारते मारते उस एल्पारान तक जो जंगल के पास है पहुंच गए।
तब एसाव ने याकूब से कहा, वह जो लाल वस्तु है, उसी लाल वस्तु में से मुझे कुछ खिला, क्योंकि मैं थका हूं। इसी कारण उसका नाम एदोम भी पड़ा।
तब यहोवा ने याकूब से कहा, अपने पितरों के देश और अपनी जन्मभूमि को लौट जा, और मैं तेरे संग रहूंगा।
तब याकूब ने राहेल और लिआ: को, मैदान में अपनी भेड़- बकरियों के पास, बुलवाकर कहा,
एसाव जो एदोम भी कहलाता है, उसकी यह वंशावली है।
एसाव जो एदोम भी कहलाता है, उसके वंश ये ही हैं, और उनके अधिपति भी ये ही हुए।।
मग्दीएल अधिपति, ईराम अधिपति: एदोमवंशियों ने जो देश अपना कर लिया था, उसके निवासस्थानों में उनके ये ही अधिपति हुए। और एदोमी जाति का मूलपुरूष एसाव है।।
उन्हें न छेड़ना; क्योंकि उनके देश में से मैं तुम्हें पाँव धरने का ठौर तक न दूँगा, इस कारण कि मैं ने सेईर पर्वत एसावियों के अधिकार में कर दिया हैं।
फिर मैं ने इसहाक को याकूब और एसाव दिया। और एसाव को मैं ने सेईर नाम पहाड़ी देश दिया कि वह उसका अधिकारी हो, परन्तु याकूब बेटों- पोतों समेत मि को गया।
जब शाऊल इस्राएलियों के राज्य में स्थिर हो गया, तब वह मोआबी, अम्मोनी, एदोमी, और पलिश्ती, अपने चारों ओर के सब शत्रुओं से, और सोबा के राजाओं से लड़ा; और जहां जहां वह जाता वहां जय पाता था।
और उन में से अर्थात् शिमोनियों में से पाच सौ पुरूष अपने ऊपर पलत्याह, नार्याह, रपायाह और उज्जीएल नाम यिशी के पुत्रों को अपने प्रधान ठहराया;
और अब अम्मोनी और मोआबी और सेईर के पहाड़ी देश के लोग जिन पर तू ने इस्राएल को मिस्र देश से आते समय चढ़ाई करने न दिया, और वे उनकी ओर से मुड़ गए और उनको विनाश न किया,
क्योंकि अम्मोनियों और मोआबियों ने सेईर के पहाड़ी देश के निवासियों को डराने और सत्यानाश करने के लिये उन पर चढ़ाई की, और जब वे सेईर के पहाड़ी देश के निवासियों का अन्त कर चुके, तब उन सभों ने एक दूसरे के नाश करने में हाथ लगाया।
हे मनुष्य के सन्तान, अपना मुंह सेईर पहाड़ की ओर करके उसके विरूद्ध भविष्यद्वाणी कर,
ओबद्याह का दर्शन।। हम लोगों ने यहोवा की ओर से समाचार सुना है, और एक दूत अन्यजातियों में यह कहने को भेजा गया है:
हे पहाड़ों की दरारों में बसनेवाले, हे ऊंचे स्थान में रहनेवाले, तेरे अभिमान ने तुझे धोखा दिया है; तू मन में कहता है,
तौभी मैं ने याकूब से प्रेम किया परन्तु एसाव को अप्रिय जानकर उसके पहाड़ों को उजाड़ डाला, और उसकी बपौती को जंगल के गीदड़ों का कर दिया है।