तब बतशेबा ने भूमि पर मुंह के बल गिर राजा को दणडवत् करके कहा, मेरा प्रभु राजा दाऊद सदा तक जीवित रहे !
Cross references
जब मपीबोशेत, जो योनातन का पुत्रा और शाऊल का पोता था, दाऊद के पास आया, तब मुह के बल गिरके दणडवत् किया। दाऊद ने कहा, हे मपीबोशेत ! उस ने कहा, तेरे दास को क्या आज्ञा?
देख उस ने आज नीचे जाकर बहुत से बैल, तैयार किए हुए पशु और भेड़ें बलि की हैं, और सब राजकुमारों और सेनापतियों को और एब्यातार याजक को भी बुलालिया है; और वे उसके सम्मुख खाते पीते हुए कह रहे हैं कि अदोनिरयाह राजा जीवित रहे।
तब मैं अत्यन्त डर गया। और राजा से कहा, राजा सदा जीवित रहे ! जब वह नगर जिस में मेरे पुरखाओं की कबरें हैं, उजाड़ पड़ा है और उसके फाटक जले हुए हैं, तो मेरा मुंह क्यों न उतरे?
और राजा के सब कर्मचारी जो राजभवन के फाटक में रहा करते थे, वे हामान के साम्हने झुककर दणडवत किया करते थे क्योंकि राजा ने उसके विषय ऐसी ही आज्ञा दी थी; परन्तु मोर्दकै न तो झुकता था और न उसको दणडवत करता था।
कसदियों ने, राजा से अरामी भाषा में कहा, हे राजा, तू चिरंजीव रहे! अपने दासों को स्वप्न बता, और हम उसका फल बताएंगे।
वे नबुकदनेस्सर राजा से कहने लगे, हे राजा, तू चिरंजीव रहे।
राजा और प्रधानों के वचनों को सुनकर, रानी जेवनार के घर में आई और कहने लगी, हे राजा, तू युगयुग जीवित रहे, अपने मन में न घबरा और न उदास हो।
तब वे अध्यक्ष और अधिपति राजा के पास उतावली से आए, और उस से कहा, हे राजा दारा, तू युगयुग जीवित रहे।
तब दानिरयेल ने राजा से कहा, हे राजा, तू युगयुग जीवित रहे!
अन्त में उस ने अपने पुत्रा को उन के पास यह कहकर भेजा, कि वे मेरे पुत्रा का आदर करेंगे।
पर तुम में से हर एक अपनी पत्नी से अपने समान प्रेम रखे, और पत्नी भी अपने पति का भय माने।।
फिर जब कि हमारे शारीरिक पिता भी हमारी ताड़ना किया करते थे, तो क्या आत्माओं के पिता के और भी आधीन न रहें जिस से जीवित रहें।