सो उनको अपनी अपनी चराइयों समेत एप्रैम के पहाड़ी देश का शकेम जो शरण नगर था, फिर गेजेर।
Cross references
और याकूब जो प नराम से आया था, सो कनान देश के शकेम नगर के पास कुशल क्षेम से पहुंचकर नगर के साम्हने डेरे खड़े किए।
सो जितने पराए देवता उनके पास थे, और जितने कुण्डल उनके कानों में थे, उन सभों को उन्हों ने याकूब को दिया; और उस ने उनको उस सिन्दूर वृक्ष के नीचे, जो शकेम के पास है, गाड़ दिया।
एक, एग्लोन का राजा; एक, गेजेर का राजा;
और पश्चिम की ओर यपलेतियों के सिवाने से उतरकर फिर नीचेवाले बेथोरोन के सिवाने से होकर गेजेर को पहुंचा, और समुद्र पर निकला।
परन्तु जो कनानी गेजेर में बसे थे उनको एप्रैमियों ने वहां से नहीं निकाला; इसलिये वे कनानी उनके बीच आज के दिन तक बसे हैं, और बेगारी में दास के समान काम करते हैं।।
और उन्हों ने नप्ताली के पहाड़ी देश में गलील के केदेश को, और एप्रैम के पहाड़ी देश में शकेम को, और यहूदा के पहाड़ी देश में किरर्यतर्बा को, (जो हेब्रोन भी कहलाता है) पवित्रा ठहराया।
अर्थात् उनको चराइयों समेत एप्रैम के पहाड़ी देश में खूनी शरण लेने का शकेम नगर दिया गया, फिर अपनी अपनी चराइयों समेत गेजेर,
गेजेर पर तो मिस्र के राजा फ़िरौन ने चढ़ाई करके उसे ले लिया और आग लगाकर फूंक दिया, और उस नगर में रहनेवाले कनानियों को मार डालकर, उसे अपनी बेटी सुलैमान की रानी का निज भाग करके दिया था,