फिर दाऊद और सेनापतियों ने आसाप, हेमान और यदूतून के कितने पुत्रों को सेवकाई के लिये अलग किया कि वे वीणा, सारंगी और झांझ बजा बजाकर नबूवत करें। और इस सेवकाई के काम करनेवाले मनुष्यों की गिनती यह थी :
Cross references
तब तू परमेश्वर के पहाड़ पर पहुंचेगा जहां पलिश्तियों की चौकी है; और जब तू वहां नगर में प्रवेश करे, तब नबियों का एक दल ऊंचे स्थान से उतरता हुआ तुझे मिलेगा; और उनके आगे सितार, डफ, बांसुली, और वीणा होंगे; और वे नबूवत करते होंगे।
और राजा ने चन्दन की लकड़ी से यहोवा के भवन और राजभवन के लिये जंगले और गवैयों के लिये वीणा और सारंगियां बनवाई ; ऐसी चन्दन की लकड़ी आज तक फिर नहीं आई, और न दिखाई पड़ी है।
अब कोई बजवैरया मेरे पास ले आओ। जब बजवैरया बजाने लगा, तब यहोवा की शक्ति एलीशा पर इई।
लेवी के पुत्रा गेश म, कहात और मरारी।
जो अपने अपने पुत्रों समेत उपस्थित हुआ करते थे वे ये हैं, अर्थात् कहातियों में से हेमान गवैया जो योएल का पुत्रा था, और योएल शमुएल का।
और उसका भाई असाप जो उसके दाहिने खड़ा हुआ करता था वह बेरेक्याह का पुत्रा था, और बेरेक्याह शिमा का।
और बाई ओर उनके भाई मरारी खड़े होते थे, अर्थात् एताव जो कीशी का पुत्रा था, और कीशी अब्दी का, अब्दी मल्लूक का।
और सादोक नाम एक जवान वीर भी आया, और उसके पिता के घराने के बाईस प्रधान आए।
और दाऊद और सारे इस्राएली परमेश्वर के साम्हने तन मन से गीत गाते और बीणा, सारंगी, डफ, झांझ और तुरहियां बजाते थे।
और दाऊद ने प्रधान लेवियों को आज्ञा दी, कि अपने भाई गवैयों को बाजे अर्थात् सारंगी, वीणा और झांझ देकर बजाने और आनन्द के साथ ऊंचे स्वर से गाने के लिये नियुक्त करें।
यों हेमान, आसाप और एतान नाम के गवैये तो पीतल की झांझ बजा बजाकर राग चलाने को;
इस प्रकार सब इस्राएली यहोवा की वाचा के सन्दूक को जयजयकार करते, और नरसिंगे, तुरहियां और झांझ बजाते और सारंगियां और वीणा बजाते हुए ले चले।
तब उस ने कई लेवियों को इसलिये ठहरा दिया, कि यहोवा के सत्दूक के साम्हने सेवा टहल किया करें, और इस्राएल के परमेश्वर यहोवा की चर्चा और उसका धन्यवाद और स्तुति किया करें।
और उनके संग उस ने हेमान और यदूतून और दूसरों को भी जो नाम लेकर चुने गए थे ठहरा दिया, कि यहोवा की सदा की करूणा के कारण उसका धन्यवाद करें।
तब उस ने इस्राएल के सब हाकिमों और याजकों और लेमियों को इकट्ठा किया।
और चार हजार द्वारपाल नियुक्त हुए, और चार हजार उन बाजों से यहोवा की स्तुति करने के लिये ठहराए गए जो दाऊद ने स्तुति करने के लिये बनाए थे।
तब वे चिट्ठी डालकर बराबर बराबर बांटे गए, क्योंकि एलीआजर और ईतामार दोनों के वंशों में पवित्रास्थान के हाकिम और परमेश्वर के हाकिम नियुक्त हुए थे।
फिर यदूतून के पुत्रों में से गदल्याह, सरीयशायाह, हसब्याह, मत्तित्याह, ये ही छे अपने पिता यदूतून की आज्ञा में होकर जो यहोवा का धन्यवाद और स्तुति कर करके नबूवत करता था, वीणा बजाते थे।
और पहिली चिट्ठी आसाप के बेटों में से योसेप के नाम पर निकली, दूसरी गदल्याह के नाम पर निकली जिसके पुत्रा और भाई उस समेत बारह थे।
और जितने लेवीय गवैये थे, वे सब के सब अर्थात् मुत्रों और भइयों समेत आसाप, हेमान और यदूतून सन के वस्त्रा पहिने झांझ, सारंगियां और वीणाएं लिये हुए, वेदी के पूर्व अलंग में खड़े थे, और उनके साथ एक सौ बीस याजक तुरहियां बजा रहे थे।)