तौभी देश चिट्ठी डालकर बांटा जाए; इस्त्राएलियों के पितरों के एक एक गोत्रा का नाम, जैसे जैसे निकले वैसे वैसे वे अपना अपना भाग पाएं।
Cross references
चाहे बहुतों का भाग हो चाहे थोड़ों का हो, जो जो भाग बांटे जाएं वह चिट्ठी डालकर बांटे जाए।।
और तुम उस देश को चिट्ठी डालकर अपने कुलों के अनुसार बांट लेना; अर्थात् जो कुल अधिकवाले हैं उन्हें अधिक, और जो थोड़ेवाले हैं उनको थोड़ा भाग देना; जिस कुल की चिट्ठी जिस स्थान के लिये निकले वही उसका भाग ठहरे; अपने पितरों के गोत्रों के अनुसार अपना अपना भाग लेना।
तब मूसा ने इस्त्राएलियों से फिर कहा, जिस देश के तुम चिट्ठी डालकर अधिकारी होगे, और यहोवा ने उसे साढ़े नौ गोत्रा के लोगों को देने की आज्ञा दी है, वह यही है;
यहोवा ने हमारे प्रभु को आज्ञा दी थी, कि इस्त्राएलियों को चिट्ठी डालकर देश बांट देना; और फिर यहोवा की यह भी आज्ञा हमारे प्रभु को मिली, कि हमारे सगोत्री सलोफाद का भाग उसकी बेटियों को देना।
जैसा यहोवा ने मूसा से कहा था, वैसा ही यहोशू ने वह सारा देश ले लिया; और उसे इस्राएल के गोत्रों और कुलों के अनुसार बांट करके उन्हें दे दिया। और देश को लड़ाई से शान्ति मिली।।
जो आज्ञा यहोवा ने मूसा के द्वारा साढ़े नौ गोत्रों के लिये दी थी, उसके अनुसार उनके भाग चिट्ठी डाल डालकर दिए गए।
यूसुफ की सन्तान यहोशू से कहने लगी, हम तो गिनती में बहुत हैं, क्योंकि अब तक यहोवा हमें आशीष ही देता आया है, फिर तू ने हमारे भाग के लिये चिट्ठी डालकर क्यों एक ही अंश दिया है?
और तुम देश के सात भाग लिखकर मेरे पास ले आओ; और मैं यहां तुम्हारे लिये अपने परमेश्वर यहोवा के साम्हने चिट्ठी डालूंगा।
तब यहोशू ने शीलों में यहोवा के साम्हने उनके लिये चिटि्ठयां डालीं; और वहीं यहोशू ने इस्राएलियों को उनके भागों के अनुसार देश बांट दिया।।
दूसरी चिट्ठी शमौन के नाम पर, अर्थात् शिमोनियों के कुलों के अनुसार उनके गोत्रा के नाम पर निकली; और उनका भाग यहूदियों के भाग के बीच में ठहरा।
तीसरी चिट्ठी जबूलूनियों के कुलों के अनुसार उनके नाम पर निकली। और उनके भाग का सिवाना सारीद तक पहुंचा;
चौथी चिट्ठी इस्साकारियों के कुलों के अनुसार उनके नाम पर निकली।
पांचवीं चिट्ठी आशेरियों के गोत्रा के कुलों के अनुसार उनके नाम पर निकली।
कुलों के अनुसार आशेरियों के गोत्रा का भाग नगरों और गांवों समेत यही ठहरा।।
कुलों के अुनसार नप्तालियों के गोत्रा का भाग नगरों और उनके गांवों समेत यही ठहरा।।
चिट्ठी डाली जाती तो है, परन्तु उसका निकलना यहोवा ही की ओर से होता है।
चिट्ठी डालने से झगड़े बन्द होते हैं, और बलवन्तों की लड़ाई का अन्त होता है।
तब उन्हों ने उन के बारे में चिटि्ठयां डालीं, और चिट्ठी मत्तिरयाह के नाम पर निकली, सो वह उन ग्यारह प्रेरितों के साथ गिना गया।।