एहूद ने हाथ भर लम्बी एक दोधारी तलवार बनवाई थी, और उसको अपने वस्त्रा के नीचे दाहिनी जांघ पर लटका लिया।
Cross references
इतने में एहूद ने अपना बायां हाथ बढ़ाकर अपनी दाहिनी जांघ पर से तलवार खींचकर उसकी तोंद में घुसेड़ दी;
हे वीर, तू अपनी तलवार को जो तेरा विभव और प्रताप है अपनी कटि पर बान्ध!
उनके कण्ठ से ईश्वर की प्रशंसा हो, और उनके हाथों में दोधारी तलवारें रहें,
वे सब के सब तलवार बान्धनेवाले और युद्ध विद्या में निपुण हैं। प्रत्येक पुरूष रात के डर से जांघ पर तलवार लटकाए रहता है।
क्योंकि परमेश्वर का वचन जीवित, और प्रबल, और हर एक दोधारी तलवार से भी बहुत चोखा है, और जीव, और आत्मा को, और गांठ गांठ, और गूदे गूदे को अलग करके, वार पार छेदता है; और मन की भावनाओं और विचारों को जांचता है।
और वह अपने दहिने हाथ में सात तारे लिए हुए था: और उसके मुख से चोखी दोधारी तलवार निकलती थी; और उसका मुंह ऐसा प्रज्वलित था, जैसा सूर्य कड़ी धूप के समय चमकता है।
और पिरगमुन की कलीसिया के दूत को यह लिख, कि, जिस के पास दोधारी और चोखी तलवार है, वह यह कहता है, कि।