फिर यीशु फतह से छ: दिन पहिले बैतनिरयाह में आया, जंहा लाजर था: जिसे यीशु ने मरे हुओं में से जिलाया था।
Cross references
तब वह उन्हें छोड़कर नगर के बाहर बैतनिरयाह को गया, ओर वहंा रात बिताई।।
जब यीशु बैतनिरयाह में शमौन कोढ़ी के घर में था।
और वह यरूशलेम पहुंचकर मन्दिर में आया, और चारों ओर सब वस्तुओं को देखकर बारहों के साथ बैतनिरयाह गया क्योंकि सांझ हो गई थी।।
जब वह बैतनिरयाह में शमौन कोढ़ी के घर भोजन करने बैठा हुआ था जब एक स्त्री संगमरमर के पात्रा में जटामांसी का बहुमूल्य शुद्ध इत़्रा लेकर आई; और पात्रा तोड़ कर इत्रा को उसके सिर पर उण्डेला।
तब वह उन्हें बैतनिरयाह तक बाहर ले गया, और अपने हाथ उठाकर उन्हें आशीष दी।
मरियम और उस की बहिन मरथा के गांव बैतनिरयाह का लाजर नाम एक मनुष्य बीमार था।
जो मर गया था, वह कफन से हाथ पांव बन्धे हुए निकल आया और उसका मुंह अंगोछे से लिपटा हुआ थारू यीशु ने उन से कहा, उसे खोलकर जाने दो।।
और यहूदियों का फसह निकट था, और बहुतेरे लोग फसह से पहिले दिहात से यरूशलेम को गए कि अपने आप को शुद्ध करें।
जो लोग उस पर्ब्ब में भजन करने आए थे उन में से कई यूनानी थे।