तू अपनी अनमोल वस्तुओं को धूलि पर, वरन ओपीर का कुन्दन भी नालों के पत्थरों में डाल दे,
Cross references
ओपीर, हवीला, और योबाब को जन्म दिया : ये ही सब योक्तान के पुत्रा हुए।
उन्हों ने ओपोर को जाकर वहां से चार सौ बीस किक्कार सोना, राजा सुलैमान को लाकर दिया।
और राजा सुलैमान के पीने के सब पात्रा सोने के बने थे, और लबानोनी बन नाम भवन के सब पात्रा भी चोखे सोने के थे, चांदी का कोई भी न था। सुलैमान के दिनों में उसका कुछ लेखा न था।
फिर यहोशापात ने तश श के जहाज सोना लाने के लिये ओपीर जाने को बनवा लिए, परन्तु वे एश्योनगेबेर में टूट गए, असलिये वहां न जा सके।
ओपीर, हवीला और सोबाब उत्पन्न हुए; ये ही सब योक्तान के पुत्रा हैं।
और पीतल की जो वेदी ऊरी के पुत्रा बसलेल ने, जो हूर का पोता था, बनाई थी, वह गिबोन में यहोवा के निवास के साम्हने थी। इसलिये सुलैमान मण्डली समेत उसके पास गया।
फिर हूराम और सुलैमान दोनों के जहाजी जो ओषीर से सोना लाते थे, वे चन्दन की लकड़ी और मणि भी लाते थे।
और राजा ने ऐसा किया, कि बहुतायत के कारण यरूशलेम में चान्दी का मूल्य पत्थरों का और देवदार का मूल्य नीचे के देश के गूलरों का सा हो गया।
वा अपने बहुत से धन वा अपनी बड़ी कमाई के कारण आनन्द किया होता,
तेरी प्रतिष्ठित स्त्रियों में राजकुमारियां भी हैं; तेरी दहिनी ओर पटरानी, ओपीर के कुन्दन से विभूषित खड़ी है।।
मैं मनुष्य को कुन्दन से, और आदमी को ओपीर के सोने से भी अधिक महंगा करूंगा।