हे नाश करनेवाले पहाड़ जिसके द्वारा सारी पृथ्वी नाश हुई है, यहोवा की यह वाणी है कि मैं तेरे विरूद्व हूँ और हाथ बढ़ाकर तुझे ढांगों पर से लुढ़का दूंगा और जला हुआ पहाड़ बनाऊंगा।
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फिर उन्हों ने कहा, आओ, हम एक नगर और एक गुम्मट बना लें, जिसकी चोटी आकाश से बात करे, इस प्रकार से हम अपना नाम करें ऐसा न हो कि हम को सारी पृथ्वी पर फैलना पड़े।
मुंड़े पहाड़ पर एक झंडा खड़ा करो, हाथ से सैन करो और और उन से ऊंचे स्वर से पुकारो कि वे सरदारों के फाटकों में प्रवेश करें।
जसलिये सुनो, मैं उत्तर में रहनेवाले सब कुलों को बुलाऊंगा, और अपने दास बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर को बुलवा भेजूंगा; और उन सभों को इस देश और इसके निवासियों के विरूद्ध और इसके आस पास की सब जातियों के विरूद्ध भी ले आऊंगा; और इन सब देशों का मैं सत्यानाश करके उन्हें ऐसा उजाड़ दूंगा कि लोग इन्हें देखकर ताली बजाएंगे; वरन ये सदा उजड़े ही रहेंगे, यहोवा की यही वाणी है।
जब सत्तर वर्ष बीत चुकें, तब मैं बाबुल के राजा और उस जाति के लोगों और कसदियों के देश के सब निवासियों को अर्ध्म का दण्ड दूंगा, यहोवा की यह वाणी है; और उस देश को सदा के लिये उजाड़ दूंगा।
अर्थात् यरूशलेम और यहूदा के नगरों के निवासियों को, और उनके राजाओं और हाकिमों को पिलाया, ताकि उनका देश उजाड़ हो जाए और लोग ताली बजाएं, और उसकी उपमा देकर शाप दिया करें; जैसा आजकल होता है।
प्रभु सेनाओं के यहोवा की यह वाणी है, हे अभिमानी, मैं तेरे विरूद्व हूँ; तेरे दण्ड पाने का दिन आ गया है।
बाबुल यहोवा के हाथ में सोने का कटोरा था, जिस से सारी पृथ्वी के लोग मतवाले होते थे; जाति जाति के लोगों ने उसके दाखमधु में से पिया, इस कारण वे भी बावले हो गए।
तू मेरा फरसा और युद्व के लिये हथियार ठहराया गया है; तेरे द्वारा मैं जाति जाति को तितर- बितर करूंगा; और तेरे ही द्वारा राज्य राज्य को नाश करूंगा।
चाहे बाबुल ऐसा ऊंचा बन जाए कि आकाश से बातें करे और उसके ऊंचे गढ़ और भी दृढ़ किए जाएं, तौभी मैं उसे नाश करने के लिये, लोगों को भेजूंगा, यहोवा की यह बाणी है।
सेनाओं का यहोवा यों भी कहता है, बाबुल की चौड़ी शहरपनाह नेव से ढाई जाएगी, और उसके ऊंचे फाटक आग लगाकर जलाए जाएंगे। और उस में राज्य राज्य के लोगों का परिश्रम व्यर्थ ठहरेगा, और जातियों का परिश्रम आग का कौर हो जाएगा और वे थक जाएंगे।
क्या यह बड़ा बाबुल नहीं है, जिसे मैं ही ने अपने बल और सामर्थ से राजनिवास होने को और अपने प्रताप की बड़ाई के लिये बसाया है?
हे बड़े पहाड़, तू क्या है? जरूब्बाबेल के साम्हने तू मैदान हो जाएगा; और वह चोटी का पत्थर यह पुकारते हुए आएगा, उस पर अनुग्रह हो, अनुग्रह!
परन्तु प्रभु का दिन चोर की नाईं आ जाएगा, उस दिन आकाश बड़ी हड़हड़ाहट के शब्द से जाता रहेगा, और तत्व बहुत ही तप्त होकर पिघल जाएंगे, और पृथ्वी और उस पर के काम जल जाएेंगे।
और दूसरे स्वर्गदूत ने तुरही फूंकी, तो मानो आग सा जलता हुआ एक बड़ा पहाड़ समुद्र में डाला गया; और समुद्र का एक तिहाई लोहू हो गया।
और जिन सात स्वर्गदूतों के पास वे सात कटोरे थे, उन में से एक ने आकर मुझ से यह कहा कि इधर आ, मैं तुझे उस बड़ी वेश्या का दण्ड दिखाऊं, जो बहुत से पानियों पर बैठी है।
और पृथ्वी के राजा जिन्हों ने उसके साथ व्यभिचार, और सुख- विलास किया, जब उसके जलने का धुआं देखेंगे, तो उसके लिये रोएंगे, और छाती पीटेंगे।