Home Bibles यशायाह 66:20 · हिन्दी बाइबिल
यशायाह 66:20 · हिन्दी बाइबिल

और जैसे इस्राएली लोग अन्नबलि को शुद्ध पात्रा में धरकर यहोवा के भवन में ले आते हैं, वैसे ही वे तुम्हारे सब भाइयों को घोड़ों, रथों, पालयिों, खच्चरों और साड़नियों पर चढ़ा चढ़ाकर मेरे पवित्रा पर्वत यरूशलेम पर यहोवा की भेंट के लिये ले आएंगे, यहोवा का यही वचन है।

Cross references

गिनती 7:62

फिर धूप से भरा हुआ दस शेकेल सोने का एक धूपदान;

यशायाह 11:9

मेरे सारे पवित्रा पर्वत पर न तो कोई दु:ख देगा और न हानि करेगा; क्योंकि पृथ्वी यहोवा के ज्ञान से ऐसी भर जाएगी जैसा जल समुद्र में भरा रहता है।।

यशायाह 43:6

मैं उत्तर से कहूंगा, दे दे, और दक्खिन से कि रोक मत रख; मेरे पुत्रों को दूर से और मेरी पुत्रियों को पृथ्वी की छोर से ले आओ;

यशायाह 49:12

देखो, ये दूर से आएंगे, और, ये उत्तर और पच्छिम से और सीनियों के देश से आएंगे।

यशायाह 49:22

प्रभु यहोवा यों कहता है, देख, ये अपना हाथ जाति जाति के लोगों की ओर उठाऊंगा, और देश देश के लोगों के साम्हने अपना झण्डा खड़ा करूंगा; तब वे तेरे पुत्रों को अपनी गोद में लिए आएंगे, और तेरी पुत्रियों को अपने कन्धे पर चढ़ाकर तेरे पास पहुंचाएंगे।

यशायाह 52:11

दूर हो, दूर, वहां से निकल जाओ, कोई अशुद्ध वस्तु मत छुओ; उसके बीच से निकल जाओ; हे यहोवा के पात्रों के ढोनेवालो, अपने को शुद्ध करो।

यशायाह 54:3

क्योंकि तू दहिने- बाएं फैलेगी, और तेरा वंश जाति- जाति का अधिकारी होगा और उजड़े हुए नगरों को फिर से बसाएगा।।

यशायाह 56:7

उनको मैं अपने पवित्रा पर्वत पर ले आकर अपने प्रार्थना के भवन में आनन्दित करूंगा; उनके होमबलि और मेलबलि मेरी वेदी पर ग्रहण किए जाएंगे; क्योंकि मेरा भवन सब देशों के लोगों के लिये प्रार्थना का घर कहलाएगा।

यशायाह 60:3

और अन्यजातियां तेरे पास प्रकाश के लिये और राजा तेरे आरोहण के प्रताप की ओर आएंगे।।

यशायाह 60:4

अपनी आंखें चारो ओर उठाकर देख; वे सब के सब इकट्ठे होकर तेरे पास आ रहे हैं; तेरे पुत्रा दूर से आ रहे हैं, और तेरी पुत्रियां हाथों- हाथ पहुंचाई जा रही हैं।

यशायाह 65:11

परन्तु तुम जो यहोवा को त्याग देते और मेरे पवित्रा पर्वत को भूल जाते हो, जो भाग्य देवता के लिये मेंज पर भोजन की वस्तुएं सजाते और भावी देवी के लिये मसाला मिला हुआ दाखमधु भर देते हो;

यशायाह 65:25

भेड़िया और मेम्ना एक संग चरा करेंगे, और सिंह बैल की नाई भूसा खाएगा; और सर्प का आहार मिट्टी ही रहेगा। मेरे सारे पवित्रा पर्वत पर न तो कोई किसी को दु:ख देगा और न कोई किसी की हानि करेगा, यहोवा का यही वचन है।।

सपन्याह 3:10

मेरी तितर- बितर की हुई प्रजा मुझ से बिनती करती हुई मेरी भेंट बनकर आएगी।।

रोमियों 12:1

इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरो कों जीवित, और पवित्रा, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान करके चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है।

रोमियों 15:16

कि मैं अन्याजातियों के लिये मसीह यीशु का सेवक होकर परमेश्वर के सुसमाचार की सेवा याजक की नाई करूं; जिस से अन्यजातियों का मानों चढ़ाया जाना, पवित्रा आत्मा से पवित्रा बनकर ग्रहण किया जाए।

फिलिप्पियों 2:17

और यदि मुझे तुम्हारे विश्वास के बलिदान और सेवा के साथ अपना लोहू भी बहाना पड़े तौभी मैं आनन्दित हूं, और तुम सब के साथ आनन्द करता हूं।

1 पतरस 2:5

तुम भी आप जीवते पत्थरों की नाई आत्मिक घर बनते जाते हो, जिस से याजकों का पवित्रा समाज बनकर, ऐसे आत्मिक बलिदान चढ़ाओ, जो यीशु मसीह के द्वारा परमेश्वर को ग्राह्य हो।

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