Home Bibles यशायाह 47:5 · हिन्दी बाइबिल
यशायाह 47:5 · हिन्दी बाइबिल

हे कसदियों की बेटी, चुपचाप बैठी रह और अन्धियारे में जो; क्योंकि तू अब राज्य राज्य की स्वामिन न कहलाएगी।

Cross references

1 शमूएल 2:9

वह अपने भक्तों के पावों को सम्भाले रहेगा, परन्तु दुष्ट अन्धियारे में चुपचाप पड़े रहेंगे; क्योंकि कोई मनुष्य अपने बल के कारण प्रबल न होगा।।

भजन संहिता 31:17

हे यहोवा, मुझे लज्जित न होने दे क्योंकि मैं ने तुझ को पुकारा है; दुष्ट लज्जित हों और वे पाताल में चुपचाप पड़े रहें।

भजन संहिता 46:10

चुप हो जाओ, और जान लो, कि मैं ही परमेश्वर हूं। मैं जातियों में महान् हूं, मैं पृथ्वी भर में महान् हूं!

यशायाह 13:10

क्योंकि आकाश के तारागण और बड़े बड़े नक्षत्रा अपना प्रकाश न देंगे, और सूर्य उदय होते होते अन्धेरा हो जाएगा, और चन्द्रमा अपना प्रकाश न देगा।

यशायाह 13:19

और बाबुल जो सब राज्यों का शिरोमणि है, और जिसकी शोभा पर कसदी लोग फूलते हैं, वह ऐसा हो जाएगा जैसे सदोम और अमोरा, जब परमेश्वर ने उन्हें उलट दिया था।

यशायाह 14:4

उस दिन तू बाबुल के राजा पर ताना मारकर कहेगा कि परिश्रम करानेवाला कैसा नाश हो गया है, सुनहले मन्दिरों से भरी नगरी कैसी नाश हो गई है!

यशायाह 14:23

मैं उसको साही की मान्द और जल की झीलें कर दूंगा, और मैं उसे सत्यानाश के झाडू से झाड़ डालूंगा, सेनाओं के यहोवा की यही वाणी है।।

यशायाह 47:1

हे बाबुल की कुमारी बेटी, उतर आ और धूलि पर बैठ; हे कसदियों की बेटी तू बिना सिंहासन भूमि पर बैठ! क्योंकि तू अब फिर कोमल और सुकुमार न कहलाएगी।

यशायाह 47:7

तू ने कहा, मैं सर्वदा स्वामिन बनी रहूंगी, सो तू ने अपने मन में इन बातों पर विचार न किया और यह भी न सोचा कि उनका क्या फल होगा।।

यिर्मयाह 8:14

हम क्यों चुप- चाप बैठे हैं? आओ, हम चलकर गढ़वाले नगरों में इकट्ठे नाश हो जाएं; क्योंकि हमारा परमेश्वर यहोवा हम को नाश करना चाहता है, और हमें विष पीने को दिया है; क्योंकि हम ने यहोवा के विरूद्ध पाप किया है।

यिर्मयाह 25:10

और मैं ऐसा करूंगा कि इन में न तो हर्ष और न आनन्द का शब्द सुनाई पड़ेगा, और न दुल्हे वा दुल्हिन का, और न चक्की का भी शब्द सुनाई पड़ेगा और न इन में दिया जलेगा।

विलापगीत 1:1

जो नगरी लोगों से भरपूर थी वह अब कैसी अकेली बैठी हुई है ! वह क्यों एक विधवा के समान बन गई? वह जो जातियों की दृष्टि में महान और प्रान्तों में रानी थी, अब क्यों कर देनेवाली हो गई है।

दानिय्येल 2:37

हे राजा, तू तो महाराजाधिरा है, क्योंकि स्वर्ग के परमेश्वर ने तुझ को राज्य, सामर्थ, शक्ति और महिमा दी है,

हबक्कूक 2:20

परन्तु यहोवा अपने पवित्रा मन्दिर में है; समस्त पृथ्वी उसके साम्हने शान्त रहे।।

जकर्याह 2:13

हे सब प्राणियों! यहोवा के साम्हने चुपके रहो; क्योंकि वह जागकर अपने पवित्रा निवासस्थान से निकला है।।

मत्ती 22:12

उस ने उससे पूछा हे मित्रा; तू ब्याह का वस्त्रा पहिने बिना यहां क्यों आ गया? उसका मुंह बन्द हो गया।

यहूदा 1:13

ये समुद्र के प्रचण्ड हिलकोरे हैं, जो अपनी लज्जा का फेन उछालते हैं: ये डांवाडोल तारे हैं, जिन के लिये सदा काल तक घोर अन्धकार रखा गया है।

प्रकाशितवाक्य 17:3

तब वह मुझे आत्मा में जंगल को ले गया, और मैं ने किरमिजी रंग के पशु पर जो निन्दा के नामों से छिपा हुआ था और जिस के सात सिर और दस सींग थे, एक स्त्री को बैठे हुए देखा।

प्रकाशितवाक्य 17:18

और वह स्त्री, जिस तू ने देखा है वह बड़ा नगर है, जो पृथ्वी के राजाओं पर राज्य करता है।।

प्रकाशितवाक्य 18:7

जितनी उस ने अपनी बड़ाई की और सुख- विलास किया; उतनी उस को पीड़ा, और शोक दो; क्योंकि वह अपने मन में कहती है, मैं रानी हो बैठी हूं, विधवा नहीं; और शोक में कभी न पडूंगी।

प्रकाशितवाक्य 18:16

हाय! हाय! यह बड़ा नगर जो मलमल, और बैंजनी, और किरमिजी कपड़े पहिने था, और सोने, और रत्नों, और मोतियों से सजा था,

प्रकाशितवाक्य 18:21

फिर एक बलवन्त स्वर्गदूत ने बड़ी चक्की के पाअ के समान एक पत्थर उठाया, और यह कहकर समुद्र में फेंक दिया, कि बड़ा नगर बाबुल ऐसे ही बड़े बल से गिराया जाएगा, और फिर कभी उसका पता न मिलेगा।

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