उस समय मि से अश्शूर जाने का एक राजमार्ग होगा, और अश्शूरी मि में आएंगे और मिद्दी लोग अश्शूर को जाएंगे, और मिद्दी अश्शूरियों के संग मिलकर आराधना करेंगे।।
Cross references
और बहुत देशों के लागे आएंगे, और आपस में कहेंगे: आओ, हम यहोवा के पर्वत पर चढ़कर, याकूब के परमेश्वर के भवन में जाएं; तब वह हमको अपने मार्ग सिखाएगा, और हम उसके पथों पर चलेंगे। क्योंकि यहोवा की व्यवस्था सिरयोन से, और उसका वचन यरूशलेम से निकलेगा।
और उसकी प्रजा के बचे हुओं के लिये अश्शूर से एक ऐसा राज- मार्ग होगा जैसा मि देश से चले आने के समय इस्राएल के लिये हुआ था।।
उस समय बड़ा नरसिंगाा फूंका जाएगा, और जो अश्शूर देश में नाश हो रहे थे और जो मि देश में बरबस बसाए हुए थे वे यरूशलेम में आकर पवित्रा पर्वत पर यहोवा को दण्डवत् करेंगे।।
और वहां एक सड़क अर्थात् राजमार्ग होगा, उसका नाम पवित्रा मार्ग होगा; कोई अशुद्ध जन उस पर से न चलने पाएगा; वह तो उन्हीं के लिये रहेगा और उस मार्ग पर जो चलेंगे वह चाहे मूर्ख भी हों तौभी कभी न भटकेंगे।
किसी की पुकार सुनाई देती है, जंगल में यहोवा का मार्ग सुधारो, हमारे परमेश्वर के लिये अराबा में एक राजमार्ग चौरस करो।
उस दिन अश्शूर से, और मि और महानद के बीच के, और समुद्र- समुद्र और पहाड़- पहाड़ के बीच में देशों से लोग तेरे पास आंएगे।
क्योंकि उस ही के द्वारा हम दानों की एक आत्मा में पिता के पास पंहुच होती है।
अर्थात् यह, कि मसीह यीशु में सुसमाचार के द्वारा अन्यजातीय लाग मीरास में साझी, और एक ही देह के और प्रतिज्ञा के भागी हैं।