तब तू उसके लोहू में से कुछ लेकर वेदी के चारों सींगों और कुस के चारों कोनों और चारों ओर की पटरी पर लगाना; इस प्रकार से उसके लिये प्रायश्चित्त करने के द्वारा उसको पवित्रा करना।
Cross references
और बछड़े के लोहू में से कुछ लेकर अपनी उंगली से वेदी के सींगों पर लगाना, और शेष सब लोहू को वेदी के पाए पर उंडेल देना
अर्थात् पापबलि का एक बछड़ा प्रायश्चित्त के लिये प्रतिदिन चढ़ाना। और वेदी को भी प्रायश्चित्त करने के समय शुद्ध करना, और उसे पवित्रा करने के लिये उसका अभिषेक करना।
सात दिन तक वेदी के लिये प्रायश्चित्त करके उसे पवित्रा करना, और वेदी परम पवित्रा ठहरेगी; और जो कुछ उस से छू जाएगा वह भी पवित्रा हो जाएगा।।
और याजक अपनी उंगली से पापबलि पशु के लोहू में से कुछ लेकर होमबलि की वेदी के सींगों पर लगाए, और उसका लोहू होमबलि की वेदी के पाए पर उंडेल दे।
और याजक उसके लोहू में से अपनी उंगली से कुछ लेकर होमबलि की वेदी के सींगों पर लगाए, और उसके सब लोहू को उसी वेदी के पाए पर उंडेल दे।
और याजक अपनी उंगली से पापबलि के लोहू में से कुछ लेकर होमबलि की वेदी के सींगों पर लगाए, और उसके सब लोहू को वेदी के पाए पर उंडेल दे।
तब वह पापबलि के बछड़े को समीप ले गया; और हारून और उसके पुत्रों ने अपने अपने हाथ पापबलि के बछड़े के सिर पर रखें
तब वह बलि किया गया, और मूसा ने लोहू को लेकर उंगली से वेदी के चारों सींगों पर लगाकर पवित्रा किया, और लोहू को वेदी के पाए पर उंडेल दिया, और उसके लिये प्रायश्चित्त करके उसको पवित्रा किया।
और हारून के पुत्रा लोहू को उसके पास ले गए, तब उस ने अपनी उंगली को लोहू में डुबाकर वेदी के सींगों पर लोहू को लगाया, और शेष लोहू को वेदी के पाए पर उंडेल दिया;
और उस लोहू में से कुछ अपनी उंगली के द्वारा सात बार उस पर छिड़ककर उसे इस्त्राएलियों की भांति भांति की अशुद्धता छुड़ाकर शुद्ध और पवित्रा करे।
और उपरला भाग चार हाथ ऊंचा हो; और वेदी पर जलाने के स्थान के चार सींग ऊपर की ओर निकले हों।
और दूसरे दिन एक निदष बकरा पापबलि करके चढ़ाना; और जैसे बछड़े के द्वारा वेदी पवित्रा की जाए, वैसे ही वह इस बकरे के द्वारा भी पवित्रा की जाएगी।
सात दिन तक याजक लोग वेदी के लिये प्रायश्चित्त करके उसे शुद्ध करते रहें; इसी भांति उसका संस्कार हो।
परमेश्वर यहोवा यों कहता है, पहिले महीने के पहले दिन को तू एक निदष बछड़ा लेकर पवित्रास्थान को पवित्रा करता।
इस पापबलि के लोहू में से याजक कुछ लेकर भवन के चौखट के खम्भों, और वेदी की कुस के चारों कोनों, और भीतरी आंगन के फाटक के खम्भों पर लगाए।
और इसी रीति से उस ने तम्बू और सेवा के सारे सामान पर लोहू छिड़का।