अर्थात् एक सोने की घंटी और एक अनार, फिर एक सोने की घंटी और एक अनार, इसी रीति बागे के नीचेवाले घेरे में चारों ओर ऐसा ही हो।
Cross references
क्या ही धन्य है वह समाज जो आनन्द के ललकार को पहिचानता है; हे हयोवा वे लोग मेरे मुख के प्रकाश में चलते हैं,
जैसे सेब के वृक्ष जंगल के वृक्षों के बीच में, वैसे ही मेरा प्रेमी जवानों के बीच में है। मैं उसकी छाया में हर्षित होकर बैठ गई, और उसका फल मुझे खाने मे मीठा लगा।
तेरे होंठ लाल रंग की डोरी के समान हैं, और तेरा मुंह मनोहर है, तेरे कपोल तेरी लटों के नीचे अनार की फाँक से देख पड़ते हैं।
तेरे अंकुर उत्तम फलवाली अनार की बारी के तुल्य है, जिस में मेंहदी और सुम्बुल,
तेरे कपोल तेरी लटों के नीचे अनार की फाँक से देख पड़ते हैं।
मैं अखरोट की बारी में उत्तर गई, कि तराई के फूल देखूं, और देखूं की दाखलता में कलियें लगीं, और अनारों के फूल खिले कि नहीं।
मैं तुझ को अपनी माता के घर ले चलती, और वह मुझ को सिखाती, और मैं तुझे मसाला मिला हुआ दाखमघु, और अपने अनारों का रस पिलाती।
तुम मुझ में बने रहो, और मैं तुम में: जैसे डाली यदि दाखलता में बनी न रहे, तो अपने आप से नहीं फल सकती, वैसे ही तुम भी यदि मुझ में बने न रहो तो नहीं फल सकते।
तुम ने मुझे नहीं चुना परन्तु मैं ने तुम्हें चुना है और तुम्हें ठहराया ताकि तुम जाकर फल लाओ; और तुम्हारा फल बना रहे, कि तुम मेरे नाम से जो कुछ पिता से मांगो, वह तुम्हें दे।
उस आशा की हुई वस्तु के कारण जो तुम्हारे लिये स्वर्ग में रखी हुई है, जिस का वर्णन तुम उस सुसमाचार के सत्य वचन में सुन चुके हो।
ताकि तुम्हारा चाल- चलन प्रभु के योग्य हो, और वह सब प्रकार से प्रसन्न हो, और तुम में हर प्रकार के भले कामों का फल लगे, और परमेश्वर की पहिचान में बढ़ते जाओ।