फिर जो व्यवस्था मूसा ने इस्राएलियों को दी वह यह है;
Cross references
जो आज्ञाएं यहोवा ने इस्त्राएलियों के लिये सीनै पर्वत पर मूसा को दी थी वे ये ही हैं।।
जो आज्ञाएं और नियम यहोवा ने मोआब के अराबा में यरीहो के पास की यरदन नदी के तीर पर मूसा के द्वारा इस्त्राएलियों को दिए वे ये ही हैं।।
उसके बाद यरदन के पार मोआब देश में वह व्यवस्था का विवरण यों करने लगा,
और जब वह राजगद्दी पर विराजमान हो, तब इसी व्यवस्था की पुस्तक, जो लेवीय याजकों के पास रहेगी, उसकी एक नकल अपने लिये कर ले।
और पार होने के बाद उन पर इस व्यवस्था के सारे वचनों को लिखना, इसलिये कि जो देश तेरे पूर्वजों का परमेश्वर यहोवा अपने वचन के अनुसार तुझे देता है, और जिस में दूध और मधु की धाराएं बहती हैं, उस देश में तू जाने पाए।
और उन पत्थरों पर इस व्यवस्था के सब वचनों को शुद्ध रीति से लिख देना।।
शापित हो वह जो इस व्यवस्था के वचनों को मानकर पूरा न करे। तब सब लोग कहें, आमीन।।
मूसा ने हमें व्यवस्था दी, और याकूब की मण्डली का निज भाग ठहरी।।
यरदन पार सूर्योदय की ओर, अर्थात् अर्नोन नाले से लेकर हेर्मोन पर्वत तक के देश, और सारे पूर्वी अराबा के जिन राजाओं को इस्राएलियों ने मारकर उनके देश को अपने अधिकार में कर लिया था ये हैं;
और उस ने जो जो विधियां और नियम और जो रयवस्था और आज्ञाएं तुम्हारे लिये लिखीं, उन्हें तुम सदा चौकसी से मानते रहो; और पराये देवताओं का भय न मानना।
मेरे दास मूसा की व्यवस्था अर्थात् जो जो विधि और नियम मैं ने सारे इ एलियों के लिये उसको होरेब में दिए थे, उनको स्मरण रखो।।
इसलिये कि व्यवस्था तो मूसा के द्वारा दी गई; परन्तु अनुग्रह, और सच्चाई यीशु मसीह के द्वारा पहुंची।