इस कारण सेनाओं का परमेश्वर, प्रभु यहोवा यों कहता है, अब चौकों में रोना- पीटना होगा; और सब सड़कों में लोग हाय, हाय, करेंगे! वे किसानों को शोक करने के लिये, और जो लोग विलाप करने कें निपुण हैं, उन्हें रोने- पीटने को बुलाएंगे।
Cross references
बैत और दीबोन ऊंचे स्थानों पर रोने के लिये चढ़ गए हैं; नबो और मेदबा के ऊपर मोआब हाय हाय करता है। उन सभों के सिर मुड़े हुए, और सभों की दाढ़ियां मुंढ़ी हुई हैं;
इस कारण मोआब के चारों ओर के सिवाने में चिल्लाहट हो रही है, उस में का हाहाकार एगलैम और बेरेलीम में भी सुन पड़ता है।
उस समय सेनाओं के प्रभु यहोवा ने रोने- पीटने, सिर मुंडाने और टाट पहिनने के लिये कहा था;
क्योंकि मैं ने ज़च्चा का शब्द, पहिलौठा जनती हुई स्त्री की सी चिल्लाहट सुनी है, यह सिरयोन की बेटी का शब्द है, जो हांफती और हाथ फैलाए हुए यों कहती है, हाय मुझ पर, मैं हत्यारों के हाथ पड़कर मूर्छित हो चली हूँ।
मैं पहाड़ों के लिये रो उठूंगा और शोक का गीत गाऊंगा, और जंगल की चराइयों के लिये विलाप का गीत गाऊंगा, क्योंकि वे ऐसे जल गए हैं कि कोई उन में से होकर नहीं चलता, और उन में ढोर का शब्द भी नहीं सुनाई पड़ता; पशु- पक्षी सब भाग गए हैं।
और मैं उन लोगों को ऐसी जातियों में तितर बितर करूंगा जिन्हें न तो वे न उनके पुरखा जानते थे; और जब तक उनका अन्त न हो जाए तब तक मेरी ओर से तलवार उनके पीछे पड़ेगी।
सेनाओं का यहोवा यों कहता है, सोचो, और विलाप करनेवालियों को बुलाओ; बुध्दिमान स्त्रियों को बतलवा भेजो;
इस कारण यह देश विलाप करेगा, और मैदान के जीव- जन्तुओं, और आकाश के पक्षियों समेत उसके सब निवासी कुम्हला जाएंगे; और समुद्र की मछलियां भी नाश हो जाएंगी।।
जैसे युवती अपने पति के लिये कटि में टाट बान्धे हुए विलाप करती है, वैसे ही तुम भी विलाप करो।
हे किसानो, लज्जित हो, हे दाख की बारी के मालियों, गेहूं और जव के लिये हाय, हाय करो; क्योंकि खेती मारी गई है।
उपवास का दिन ठहराओ, महासभा का प्रचार करो। पुरनियों को, वरन देश के सब रहनेवालों को भी अपने परमेश्वर यहोवा के भवन में इकट्ठे करके उसकी दोहाई दो।।
सेनाओं के परमेश्वर, प्रभु यहोवा की यह वाणी है, देखो, और याकूब के घराने से यह बात चिताकर कहो,
इस कारण मैं तुम को दमिश्क के उस पार बंधुआई में कर दूंगा, सेनाओं के परमेश्वर यहोवा का यही वचन है।।
मैं तुम्हारे पर्वों के उत्सव दूर करके विलाप कराऊंगा, और तुम्हारे सब गीतों को दूर करके विलाप के गीत गवाऊंगा; मैं तुम सब की कटि में टाट बंधाऊंगा, और तुम सब के सिरों को मुंड़ाऊंगा; और ऐसा विलाप कराऊंगा जैसा एकलौते के लिये होता है, और उसका अन्त कठिन दु:ख के दिन का सा होगा।।
इस कारण मैं छाती पीटकर हाय, हाय, करूंगा; मैं लुटा हुआ सा और नंगा चला फिरा करूंगा; मैं गीदड़ों की नाई चिल्लाऊंगा, और शतुर्मुगों की नाईं रोऊंगा।
उस समय यह अत्यन्त शोक का गीत दृष्टान्त की रीति पर गाया जाएगा: हम तो सर्वनाश हो गए; वह मेरे लोगों के भाग को बिगाड़ता है; हाय, वह उसे मुझ से कितनी दूर कर देता है! वह हमारे खेत बलवा करनेवाले को दे देता है।
और उस की पीड़ा के डर के मारे दूर खड़े होकर कहेंगे, हे बड़े नगर, बाबुल! हे दृढ़ नगर, हाय! हाय! घड़ी ही भर में तुझे दण्ड मिल गया है।
इन वस्तुओं के व्यापारी जो उसके द्वारा धनवान हो गए थे, उस की पीड़ा के डर के मारे दूर खड़े होंगे, और रोते और कलपते हुए कहेंगे।
और अपने अपने सिरों पर धूल डालेंगे, और रोते हुए और कलपते हुए चिल्ला चिल्लाकर कहेंगे, कि हाय! हाय! यह बड़ा नगर जिस की सम्पत्ति के द्वारा समुद्र के सब जहाजवाले धनी हो गए थे घड़ी ही भर में उजड़ गया।