दाऊद ने याजक को उत्तर देकर उस से कहा, सच है कि हम तीन दिन से स्त्रियों से अलग हैं; फिर जब मैं निकल आया, तब तो जवानों के बर्तन पवित्रा थे; यद्यपि यात्रा साधारण है तो आज उनके बर्तन अवश्य ही पवित्रा होंगे।
Cross references
और उस ने लोगों से कहा, तीसरे दिन तक तैयार हो रहो; स्त्री के पास न जाना।
और मेज़ पर मेरे आगे भेंट की रोटियां नित्य रखा करना।।
ओर अखमीरी रोटी की टोकरी जो यहोवा के आगे रखी गई थी उस में से एक रोटी, और तेल से सने हुए मैदे का एक फुलका, और एक रोटी लेकर चरबी और दहिनी जांघ पर रख दी;
और वह हारून और उसके पुत्रों की होंगी, और वे उसको किसी पवित्रा स्थान में खाएं, क्योंकि वह यहोवा के हव्यों में से सदा की विधि के अनुसार हारून के लिये परमपवित्रा वस्तु ठहरी है।।
परन्तु प्रभु ने उस से कहा, कि तू चला जा; क्योंकि यह, तो अन्यजातियों और राजाओं, और इस्त्राएलियों के साम्हने मेरा नाम प्रगट करने के लिये मेरा चुना हुआ पात्रा है।
क्योंकि परमेश्वर की इच्छा यह है, कि तुम पवित्रा बनो: अर्थात् व्यभिचार से बचे रहो।
बड़े घर में न केवल सोने- चान्दी ही के, पर काठ और मिट्टी के बरतन भी होते हैं; कोई कोई आदर, और कोई कोई अनादर के लिये।
क्योंकि यदि परमेश्वर की यही इच्छा हो, कि तुम भलाई करने के कारण दुख उठाओ, तो यह बुराई करने के कारण दुख उठाने से उत्तम है।